Wednesday, August 3, 2022

love

एक उम्र तक जज्बात साथ रखते हो ,
एक पल में अकेला छोड़ जाते हो ।
कसूर क्या है , मेरी मोहब्ब्त का 
अक्सर महफिल में अकेला छोड़ जाते हो ।
मोहब्ब्त तुमसे है खूब है । खबर है तुमको 
फिर भी मायूस मुझे तन्हा छोड़ जाते हो ।

Monday, April 11, 2022

सफर अच्छा रहा ।

सफर अच्छा रहा,
की दोस्त कम मिले,
राह तो आसान न थी,
जो मिले सच्चे मिले ।।
सफर अच्छा रहा की दोस्त.....

बयां न कर पाएं,
जो जज़्बात के अंदाज,
दर्द को दर्द से बांटते,
दिलदार है मिले,
टूटते सपनो को,
हकीकत न होने दिया ,
अपनी हंसी ठिठोली में 
हर पल को है जिया ।
सफर अच्छा रहा की दोस्त .....

एक आवाज पर,
लांघते थे चौखट,
जो नंगे पांव,
यार के आवाज से,
मुस्काती थी हर शाम,
जिंदगी की खुद्दारी के,
इनाम कम मिले ।
सफर अच्छा रहा की दोस्त.....

आज भी आबाद है,
जिंदगी उसी अंदाज में ,
थोड़े यार इक्कठे हो ,
उसी  गांव के चौराहे पे,
ठहाके गूंजेगी फिर
मुस्कुराएगा अतीत ।
सफर अच्छा रहा की दोस्त.....

भूत , भविष्य ,वर्तमान के,
अलंकार हैं मिले ,
कभी सपने थे भविष्य के,
अब यादें है बीतें वर्षों का
आइना है आने वाले वर्षों का 
सब कुछ बदल सा गया , 
कुछ दोस्त कम न हुए 
सफर अच्छा रहा की दोस्त.......

Saturday, February 19, 2022

फगुनिया

का बताएं के दुनिया 
कैसी चली तेरे बिन रे फगुनिया ......

सांझ दुवारे की बिजली 
हा तरसत हैं ,
देखत रद्दा 
संग नयन भटकत है ।
कोयल के कुहू ले मिठ्ठ 
तोर बोली के गीत 
गुनगुनावत हो ।


का बताएं के दुनिया .....


Saturday, February 5, 2022

आईना

ख्वाब की परी 


यूँ ही हम अक्सर ,

एक ख्वाब से ,

मंजिल की तलाश में 

एक नाव से 



अधूरे अधूरे अहसास से 

अधूरे अधूरे कहानीकार से 

एक मंच दो कलाकार से 

कहानी के अलग किरदार से 



थकान में , जरूरत में 

पास पास से ,

उजियारी अंधियारी दुनिया में 

साथ साथ से 


नदी में किनारों में 

साथ साथ से 

एक दुआ एक अहसास में 

साथ साथ से 

Monday, January 17, 2022

मंजिल की मियाद

शब्द आजकल मायूस से ,
अनकहे से अस्पष्ट से ,
मंजिल अक्सर धुंध सी ,
आयात अब अंत सी  

अनवरत अकेले से ,
मुकद्दस मशवरे आजकल ,
कुछ बातें बयाँ करते है ,
अँधेरी रातों के सुनहरे सपने ,
सपनों का ठहराव फिरसे ,
उजियारी भोर की,
कल्पना में मशगुल ,

दिन रात की उलझनों में, 
वादों में इरादों में ,
आगमन और प्रस्थान में 
अंत और अनंत अक्सर 
मेल खाते हैं 
अक्सर अमिरिय्त और फक्कड पंथी,
एक से नजर आते है 




Tuesday, July 7, 2020

किस्मत ए जिंदगी

क्यों याद आ जाती हो 
किस्मत के थपेड़ों को 
फिर घर कर जाती हो 
अंधेरी गलियारों को 

राहें तब भी अलग थी 
आज भी अलग ही हैं 
इन राहों में राहें 
क्यों तलाशती हो आखिर 

मंजर अलग थे अलग हैं 
अलग हो गए शायद 
मंजिल एक थी एक है 
और एक रह रह गयी आखिर

दुनिया लकीरों की 
मोहताज थी 
जो आज हकीकत
हो गयी आखिर

तलाश तुम्हारी थी आज भी है 
पूरी हो न पाएगी 
अधूरा इश्क था अधूरा है 
अधूरा रह गया आखिर

Friday, March 6, 2020

Holi

होली और फाग महीना केवल तुम हो याद 
लगा रंग उन बालों में फिर गुलाबी से गाल 
जोगी रा सारा रारा....

अधूरा रह गया प्यार आजकल 
अधूरी तेरा इकरार 
मिली मोहब्बत दूजे से 
तुम रह गई दीवाने काश 
जोगीरा सारा रा रा .....

मुझे नौकरी रास न आयी 
रास न आई पगार 
जिस कालेज में नालेज नहीं 
टारगेट रह गई बात 
जोगिरा सारा रा रा 

नौकरी छोड़ी बिजनेस कर लिए 
बन गए सब के बॉस 
जब लड़के हो काम से गायब 
फिर याद आई औकात 
जोगी रा सारा रा रा