Wednesday, December 30, 2015

नया वर्ष#14

बहुत बेचैन है ये दिल,
इस सर्द रात में ,
कल नींद खुलेगी फिरसे,
नये साल में ।।

यूँ वादे बहुत किये
बीते साल में ,
कुछ बदलेंगे अपने आप को,
नये साल में ।।

कुछ पिछली बात सुनाता हूँ ,
दिल के जज्बात बताता हूँ ,
महीनों गुजर गये ,
फिर आया नव वर्ष,
क्या होगा फिर से बदलेगी बुनियाद,
नये साल में।।

तमाम कोशिशें फिर जवां हो उठी,
सुनहरे समने फिर से झिलमिल हो,
चलो बदलने चले अपने से अपने को,
इस नये साल में ।।

कुछ गलती जो जी लिए ,
अनुभव की मोती लिए,
न दोहराएंगे इस साल में,
चलो मनाए नव वर्ष इसी आस में ।।

"श्री"

Tuesday, December 15, 2015

कलाम

कलाम

इन्सान

नकाब ए इंसा

कागज में जिन्दगी

शायरी

Thursday, July 2, 2015

मुस्कान

किताबों के पन्ने
पलट रहें हैं ग़ालिब
कुछ समझ में आए
कोई समझा गया ।।

तेरी अमिरिय्त की तारीफ करता हूँ ग़ालिब
जब तक गरीब था जवाब ढूंढ़ता था
आज आमिर हूँ सवाल ढूढ़ता हूँ ।।

वक्त से पहले किस्मत भी नही मिलती ग़ालिब
लोग यूँ ही किस्मत को कोसते हैं ।।

वक्त मजधार में
आज हम पुरानी शामें
याद करते हैं
हम हैं मुसाफिर ग़ालिब
तेरा दीदार याद करते हैं ।।

मजहबियों से मेरा यकीन खाक हो चला
आज मेरा दोस्त  मुसलमान हो चला ।।

ग़ालिब जमाने को हमारी परवाह नही
हम तो यूँ ही कतल पे क्त्ल किये जाते हैं ।।

तेरे न होने पे मेरा तिरंगा भी रो गया ग़ालिब
तेरी मुस्कान पे हिंदुस्तान नजर आया ।।
अब्दुल कलाम जी के लिए

ये तूफान के आने की सुगबुगाहट है ग़ालिब
अभी न सम्हले तो डूब जाओगे

काफिला यूँ चला
मै फिरता रहा जमाने में
दै हो दरम के लिए
जब मिला अपनों से
गुलिस्तान नजर आया ।।

तेरे न होने पे मेरा तिरंगा भी रो गया ग़ालिब
तेरी मुस्कान पे हिंदुस्तान नजर आया ।।
कलाम साहब के लिए दो शब्द ।।

Thursday, May 7, 2015

माँ#32

 माँ तेरी ममता, 
तेरी गोदी मेरा सर,
काश की दो पल,
माँ फिर से तुम लाओ।।


वो प्यारी लोरी,
वो हिंदी गीत,
सुनहरे सपने ,
माँ फिर से दिखाओ ।।

थक गया मै,
देर हुई बहुत,
वो मीठे आम,
माँ फिर से खिलाओ ।।


वो  गुड्डी और गुड्डों,
की छोटी सी दुनिया,
वो छोटे से मंडप,
माँ फिर से सजाओ ।।

थोड़े से पैसों के,
ठेले की कुल्फी,
वो ग्लूकोस की बिस्कुट,
माँ फिर से खिलाओ ।।


आज गर्मी है बहुत,
आम का जूस,
जल्दी लाओ,
वो मटकी से पानी,
माँ जल्दी पिलाओ ।।

आज गर्मी है,
अपने आंचल में,
वो हाथ का पंखा,
माँ जल्दी झुलाओ ।।

आज सर्दी है बहुत,
वो कान बंद,
उन के स्वेटर,
पैरों  में मोज़े,
माँ फिर से पहनाओ,
माँ तेरी ममता ......