काश की हम इतना न बदले ।।
जरूरत के पल प्यार न भूलें ।।
कल वक़्त आएगा हम फिर मिलेंगे ।।
तुम और हम पुराना रिश्ता न भूलें ।।
शायद आज प्यार नया मिल गया ।।
कोई अपना नया मिल गया ।।
इस नए वक़्त में वो बिसरा लम्हा ।।
वो जज्बात न भूलें ।।
काश की हम ....
"श्री"
कभी सपनों का महल ,तो कभी आंसुओं की फरियाद है | कभी रेत की ढेर सी खामोश ,तो कभी पेड की छाँव है ये जिंदगी || कभी गीता की पाठ ,तो कभी कुरान की आयात है | एक कारवाँ सपनों का बागबाँ ,तो कभी माझी की नैया और पतवार है ये जिंदगी || कभी काँटों का दामन , कभी जश्ने बहार है| शांति की वीणा ,तो कभी लहू की ललकार एक आवाज़ है ये जिंदगी || कभी ममता की छाँव कहीं ,तो कभी करुणा की तस्वीर है | आने वाले जीवन की, अनुभवों की गीत है ये जिंदगी || -श्रीकुमार गुप्ता
Tuesday, October 23, 2018
तकलीफ
Tuesday, August 28, 2018
साथ
जिंदगी कुछ पल साथ जी लेते है ,
थोड़े मोती साथ पिरो लेते हैं ।।
शायद कल किस्मत में साथ न हो,
कुछ आज यादगार कर लेते है ।।
काश की कल भी साथ हो अपना,
चलो आज अहसास कर लेते है ।।
कुछ यादें हमे भी सहेजने दो,
कुछ खास पल जी लेने दो ।।
Wednesday, May 9, 2018
अरमान#शेर
जिंदगी में कभी भूल न पाए
वक़्त देखो आज पूरा हुआ
उम्मीद थी अक्सर उदास थे
कोई सपना अधूरा रहा ।
मुझे मेरे दिल पे ऐतबार नही ,
तू मेरा शौक नही मेरी जरूरत है ।।
वाह क्या हांसिल तुमको हुआ ,
हम आज भी अकेले रह गए ,
तुम कल भी अकेले थे ।।
इत्तिफाक की मुकम्मल होगी मेरी खुशी ,
तुम अक्सर बदल जाती हो आईने में ।।
कुछ जज्बात है ,
मेरे आँसू आज साथ है ,
कीमती पल चार है ,
आँसू आज भी ,
इबादत करते हैं ,
तेरे मोहब्बत का ।।
वक़्त भी न रहा ,
तुम भी न रहे ,
मयस्सर जमाना ,
वजूद ढूढता है ,
तुम्हारी काफिर ,
गलियों में ,
मकान ढूंढता है ।। U
कुछ खवाइश अधूरी रह गयी ,
जज्बात आज वजूद ढूंढते हैं ।
तुम खूबसूरत जिंदगी हो ,
मेरा वजूद ढूंढ़ते हो ।
इरादा तुम्हारा प्यार पाना नही ,
थोड़ा मुस्कुरा दो,दिल को सुकून आ जाए ।।
तुम भी मजबूर हो,
मोहब्बत खूब है,
दौर गुजर गया,
प्यार मशहूर है ।।
कुछ तो गम हमे भी हुआ ,
तुमसे दूरी बढ़ गयी ऐसे ,
हम भी रातों करवट लेकर ,
रोए थे अंधेरी रातों में ।।
तुम मेरी इबादतों का वजूद हो ,
मैंने तुम्हें पूजा है तेरी इनायत की है ।।
Tuesday, April 3, 2018
तुमसे दूर #27
तुमसे कहीं दूर चला जाऊं,
मेरी यादें साथ रखना ।।
तेरी महफ़िल में न मिलूं ,
मेरी मुलाकातें याद रखना ||
तू मेरी अमानत है ,
मेरी हर ख़ुशी तेरा आइना है ||
जब खुद को निहारो शीशे में ,
मेरी निगाहें याद रखना ||
"श्री"
Sunday, March 25, 2018
Ram
सब कुछ है बस राम नही है,
है मन मे बढ़ता अभिमान,
बदलाव से क्यों संज्ञान ,
मूर्ख बने वाचाल जन्मों से,
बस नारा रह गए राम ।।
भूमि मर्यादा भूल चला,
हर कोई है अनजान,
रावण सा है अभिमान,
नारी के लिए नही सम्मान ,
बस नाम ही राम
न बड़ों का सम्मान ।।
वो धर्म धरा थी ,
राम अर्थ था ,
सीता वचन थी ,
हनुमान ज्ञान थे ,
अंगद शक्ति थी ।।
भरत भाई थे,
सुग्रीव मित्र थे,
वचनों से था,
हर धर्म महान,
बस राम ही राम
हर कंठ में राम ।।
शबरी के जूठे बेरों में
वो मिठास थी
जो आज नही है
पत्थर से सागर तर जाए
वचनों में जज्बात नही है
कलयुग में इतिहास ढूंढते
साक्ष्यों में विश्वास नही है ।।
बस नारा रह गए राम ।।
इतिहास का भारत
भरत का भारत
अयोध्या में आवास नही है
लड़खड़ाते युगों से धरती
नेताओं में विश्वास नही है ।।
बस नारा रह गए राम ।।
"श्री"
Saturday, March 24, 2018
सादगी#5
न उम्र की बात है,
न जिंदगी की बात,
ये तो प्यार है,
ये सदियों के पार है ।।
रुक जाती है ,
धड़कन जब तू ,
साथ होती है ,
न हो साथ,
तो अक्सर,
उदास होती है ।।
फिर भी हर रोज,
सच्ची मोहब्बत,
होती है,
और तुमपे,
गहरा ये,
यकीन होता है।।
तुम मेरी हो,
ये अहसास यकीं होता है ।।