Friday, July 5, 2019

मनवा

कभी यादों को खुशबू से
लपेट लेते हैं
मोहबब्त है तेरी
परछाई से भी
रिश्ता जोड़ लेते हैं

कुछ आँसू आज भी
डबडबाते हैं
निकलने को
है इतना प्यार आंखों
को तरसता
छोड़ देते हैं

जुनून है, कशिश है,
रिश्ता भी है शायद
इरादे, जिंदगी
ख्वाहिश, जमाना
छोड़ देते हैं ।

श्री

Saturday, February 16, 2019

कश्मीर 39

ए कश्मीर तू आज एक किताब है ,
तेरे वजूद पर हर बार सवाल है ,
तू वो कर्ण है ,
जो दुर्योधन के साथ है ।।

अब देख तू महाभारत,
तेरे दुर्योधन और तेरे धृतराष्ट्र,
ना ही डर न किसी का साथ,
बस सच्चाई और हरि का साथ ।।

लगा दे बल पर सम्हल,
तू जीत न पाएगा,
परसुराम के श्राप से,
युद्ध की शक्ति भूल जाएगा ।।

इस हिस्से की लड़ाई में ,
अपने रिश्ते भूल जाएगा,
अपने भाइयों के दुख में भी,
तू ना आँसू बहायेगा,
हर बार पछतायेगा,
और अपनी औकात दिखायेगा ।

शांति के इस देश मे,
तेरा अशांत मन पछताएगा,
तेरा दुर्योधन स्नेह,
रह रह तेरा मन भड़कायेगा ।।

तू श्रेष्ठ है तू हिन्द है ,
अब भी सम्हल जा ,
वरना तेरा वजूद ,
बदल जायेगा ,
तेरा वजूद,
बदल जायेगा ।।

Friday, January 25, 2019

घर लौटते हैं ।।

चलो लौटते हैं ।।
कुछ गीत गुनगुनाते,
कुछ लफड़े गिनाते,
थोड़ी जेब तलासते,
थोड़ी मुस्कान समेटे,
चलो घर लौटते हैं ।

पुराने दोस्तों के पास,
पुरानी जमीन पे,
पुराने सोफे के पास,
फिर वही कम्बल,
ओढ़ते है ।
चलो घर लौटते हैं ।।

वक़्त है अनमोल
अपने भी हैं साथ
कुछ नई राह तलाशें
नई डगर ढूंढते हैं
फिर नई पतवार लिए
नई मंजिल ढूंढते हैं ।
चलो घर लौटते हैं ।।

श्री

Tuesday, December 25, 2018

वक़्त ए दोस्त

कुछ दोस्त
वक़्त के होते है
कुछ दोस्त
नाम के होते हैं

तुम सुख के बादल,
बन के गरजो,
वो रिमझिम  बारिश से,
होते हैं ,
जब दुख की गर्मी,
आती है
ये  नागफनी से ,
चुभते है ।।

गिरगिट की भक्ति
आंखों में
परमविलाप
ज्वाला में
भ्रमित वेदना
करते हैं ।

नवरत्न समझो न उन्हें
वो काँच हृदय के प्याले है
तुम्हारा लहू पी लेंगे पर
तुम्हे न कभी सम्हालेंगे ।।

"श्री"

Monday, November 12, 2018

दीपावली

कुछ भाव अलग,
अंदाज़ अलग,
भावों से अगिनित,
दिये जलाएं ।।

कुछ लम्हों को,
समेट कर,
नई आशा के,
दीप जलाऐं ।।

माँ भारती की,
करें वन्दना,
राम राज की,
रीत बनाएं ।।

अज्ञानता के,
अंधियारों में,
ज्ञान की अनंत,
अलख जगाएं ।।

"श्री"

Tuesday, October 23, 2018

तकलीफ

काश की हम इतना न बदले ।।
जरूरत के पल प्यार न भूलें ।।
कल वक़्त आएगा हम फिर मिलेंगे ।।
तुम और हम पुराना रिश्ता न भूलें ।।
शायद आज प्यार नया मिल गया ।।
कोई अपना नया मिल गया ।।
इस नए वक़्त में वो बिसरा लम्हा ।।
वो जज्बात न भूलें  ।।
काश की हम ....
"श्री"

Tuesday, August 28, 2018

साथ

जिंदगी कुछ पल साथ जी लेते है ,
थोड़े मोती साथ पिरो लेते हैं ।।
शायद कल किस्मत में साथ न हो,
कुछ आज यादगार कर लेते है ।।

काश की कल भी साथ हो अपना,
चलो आज अहसास कर लेते है ।।
कुछ यादें हमे भी सहेजने दो,
कुछ खास पल जी लेने दो ।।