Saturday, March 24, 2018

सादगी#5

न उम्र की बात है,
न जिंदगी की बात,
ये तो प्यार है,
ये सदियों के पार है ।।


रुक जाती है ,
धड़कन जब तू ,
साथ होती है ,
न हो साथ,
तो अक्सर,
उदास होती है ।।


फिर भी हर रोज,
सच्ची मोहब्बत,
होती है,
और तुमपे,
गहरा ये,
यकीन होता है।।
तुम मेरी हो, 
ये अहसास यकीं होता है ।।

New year#14

Spouse#13

जीवन संगिनी,
क्या छुपा है तुमसे,
मेरी हर मंजिल अनवरत तेरी  काया, 
तुम बिन जीवन सुना है,
सरल सा जीवन कठिन हो चला ||

 जीवनसंगिनी, 
तुम बिन सब सुना,  
पुष्प भी काँटों से लगते,  
कलियाँ कठोर होती,
मन को कचोटती,
विरह के गीत,
सरोवर की मंद वेग में,
घिर आये मेघ से वंदन 

हे मेघ, 
कालिदास की विरह, 
मेघ दूत बन,
जीवनसंगिनी को, 
मेरे कुशल होने का ,
आभास दो, 
विरह वेला में जलते,
मन में खलीपन लिए,
तेरी कामना में,
तेरे इंतजार में,
बस तुम्हारा.....

"श्री"

Wednesday, November 1, 2017

जय छत्तीसगढ़

मैं छत्तीसगढ़ हूँ,
कुछ खास नही ,
पर सबके,
दिल के पास हूँ ।

छोटा हूँ, पर
शक्ति रखता हूँ ।
शबरी के बेरों सी,
भक्ति रखता हूँ ।
धान का कटोरा,
हृदय लक्ष्मी रखता हूँ ।

पृथ्वी के सात चक्कर,
सा इस्पात लेकर
कोयला ,टिन, हीरा
अंतरण में रखकर
स्वाभिमान से
सादा जीवन जीकर
देश समृद्धि में
हिस्सेदार बनता हूँ।।

खून पसीना एक कर,
विश्व की धुरी में,
मेहनत मजदूर से,
अभियंता ,डॉक्टर,
वैज्ञानिक की,
विशिष्ट विद्या,
सहेजे रखता हूँ ।

श्री

Tuesday, October 24, 2017

मोहब्बत#2

तुम तुम हो गयी,
मैं मय हो गया ।।

कभी अधरायी सी ,
मोहब्बत स्वर हो गयी ।।
तुम तुम हो ...…....

यकीन फ़िर,
आज पत्थर हो गया ।।
उम्मीद सारी,
ओझल ओस हो गयी ।।

अलसायी सी प्यास,
जख्म हो गयी ।।
नासूर सी तलब ,
बेखबर हो गयी ।।

तुम तुम हो .....

"श्री"

Thursday, September 14, 2017

अभियंता दिवस

देश की शान है वो,
देश की आन है वो,
हँसकर रहता,
मुश्किल राह चुनता,
फितरत बदलती नही,
पर देश की किस्मत बदलता,
एक इंजिनियर है वो ।।

रात देर तक मस्ती करता,
दोपहर बिन खाए पूरी ड्यूटी करता,
सपने सजाता पेरिस के,
और खुली छत बिन पंखे सोता,
एक इंजिनियर है वो ।।

कठनाइयों से तो कठिन डगर थी,
50 final exam पास करने की सफर थी,
आखिरी नौकरी थी जो मिल गयी,
फिर भी अपनी हस्ती बनाता,
एक इंजिनियर है वो ।।

मिसाइल हो या कंप्यूटर प्रोग्राम,
ट्रेन हो चाहे मोबाइल ए पैगाम,
ऊँची इमारतें हो या स्पेस लेब,
आधी रात तक काम करता,
किस्मत की धुरी मिनटों में गिनता,
पूरी धरती के सपने सच करने चला,
एक इंजिनियर है वो ।।

सब कुछ खो कर भी खुश रहता,                            सब पाकर भी अपनो संग रहता।                          किसी मंजिल का मोहताज नही ,                            बस सफर को अपना हमसफर समझता ।।

साला एक इंजीनियर है वो ।।


"श्री"

Saturday, May 13, 2017

Separation#16

कल तुम दूर हो जाओगी,
मेरे साथ बीते दिन भूल जाओगी।

जीवन का ये है दस्तूर,
हम हो जाएंगे दूर दूर,
जज्बात नही मानते,
अल्फ़ाज़ नही जानते,
आँसू नही रुकते,
दिल की धड़कन,
रुक जाएगी ।।

जब देखा वो मेहँदी के हाथ,
जिंदगी से रूठ गए,
मुकदमा सी थी,
कहानी ऐ जिंदगी,
मुजरिम भी हम हुए,
गवाह भी हम हुए।।
कल तुम........

चंद ख्वाब थी,
संग आंसुओं की बारात थी,
सपनो की वरमाला थी,
और मेरी मोहब्बत साथ थी ।।
कल तुम.....

दस्तूर जिंदगी है,
पर मुझे ख्वाब लगता है,
कुछ जज्बात मुझे,
अहसास लगता है,
थोड़ा महसूस करके देखना,
मेरा प्यार तुम्हे कैसा लगता है ।।
कल तुम.........