Monday, August 29, 2016

आदत

बंद होठों से जज्बात,
समझ जाते हैं ।।
शायर हैं इशारे,
समझ जाते हैं ।।
मोहब्ब्बत ही है,
हमेशा रहेगी ।।
तुम हमारे,
और हम तुम्हारे ।।
हर इरादे,
समझ जाते है ।।

श्री

Wednesday, August 10, 2016

गिरगिट

आज लोग बदल गए,
वक्त की रफ्तार कहो,
या मौसम का रुख,
की लोग बदल गए ।

जिन्दगी की गफलत में,
अपनी दुनिया पियोए ,
आँसुओं के बोझ में ,
चेहरे झुलस गए ,
की लोग बदल गए ।

कल तक वफा की बात थी ,
अब जिद हो चली ,
कभी वक्त था की साथ बैठे ,
आज वक्त नही की साथ बोलें,
ये बिसात हो गयी तलब जिन्दगी,
की साथ हम साथ तुम हो गए,
आज लोग बदल गए ।

वक्तसर यूं,
खामोश न रहो,
हिम्मत हो तो,
सच भी कहो,
न मौसम न हवाएं बदली,
न ये वक्त न नियत बदली,
शायद किसी की,
कीमत बदल गयी,
और थोड़े वो बदल गये,
आज लोग बदल गए ।।

यूँ ही तुम भी रोओगे,
हम भी रोएंगे,
तुम जज्बात से,
हम अलफ़ाज़ से,
तुम कुछ तड्पोगी,
थोड़े हम भी तड़प लेंगे,
फिर भी तुम न बदलोगे,
न हम बदलेंगे ,
इन अलफ़ाज़ में शायद,
किसी का दिल जलेगा,
और शायद अल्फाजों में,
वो न बदलेगा,
की लोग बदल गए ,
पर वो न बदलेगा।
पर वो न बदलेगा ।।

Tuesday, August 9, 2016

Friend (Amigo) Spanish

दोस्त तू ही था ...
मेरी तकलीफ में,
मेरी गरीबी में,
चिल्हर लिए,
चने की दूकान में,
फेल खड़े,
आखिरी बेंच में
दोस्त तू ही था ।।..

मेरे स्कूल में,
शहर की तकलीफ में,
भीगे आँखों में,
जब सब चले गये,
अपने मुह मोड़ लिए,
दोस्त तू ही था ।।

कालेज रैगिंग के दिन,
असहज आंसू में,
हंसी की ठिठोली में,
टपरी पे चाय पीते,
चिल्ल्हर से पेट्रोल लेते,
दोस्त तू ही था ।।

बैक में,
दुःख बाटने,
न घर वाले न रिश्तेदार
बस तू ही था
इंटरव्यू में फ़ैल होते,
छुपे आंसू पोछते ,
ठेले पे धुएं उड़ाते ,
मेरे गम में,
दोस्त तू ही था ।।

रात पढ़ते में,
दिन भर सोते में,
पोहे खाते,
गाड़ी में जाते,
जज्बात सहेजते,
तकलीफ बाँटते,
दोस्त तू ही था ।।

कॉलेज की,
तकलीफ में,
नौकरी की तलाश में,
किसी ख़ास की आस में
दोस्त तू ही था ।।