Wednesday, November 1, 2017

जय छत्तीसगढ़

मैं छत्तीसगढ़ हूँ,
कुछ खास नही ,
पर सबके,
दिल के पास हूँ ।

छोटा हूँ, पर
शक्ति रखता हूँ ।
शबरी के बेरों सी,
भक्ति रखता हूँ ।
धान का कटोरा,
हृदय लक्ष्मी रखता हूँ ।

पृथ्वी के सात चक्कर,
सा इस्पात लेकर
कोयला ,टिन, हीरा
अंतरण में रखकर
स्वाभिमान से
सादा जीवन जीकर
देश समृद्धि में
हिस्सेदार बनता हूँ।।

खून पसीना एक कर,
विश्व की धुरी में,
मेहनत मजदूर से,
अभियंता ,डॉक्टर,
वैज्ञानिक की,
विशिष्ट विद्या,
सहेजे रखता हूँ ।

श्री

Tuesday, October 24, 2017

मोहब्बत

तुम तुम हो गयी,
मैं मय हो गया ।।

कभी अधरायी सी ,
मोहब्बत स्वर हो गयी ।।
तुम तुम हो ...…....

यकीन फ़िर,
आज पत्थर हो गया ।।
उम्मीद सारी,
ओझल ओस हो गयी ।।

अलसायी सी प्यास,
जख्म हो गयी ।।
नासूर सी तलब ,
बेखबर हो गयी ।।

तुम तुम हो .....

"श्री"

Thursday, September 14, 2017

अभियंता दिवस

देश की शान है वो,
देश की आन है वो,
हँसकर सहता,
मुश्किल राह चुनता,
फितरत बदलती नही,
पर देश की किस्मत बदलता,
एक इंजिनियर है वो ।।

रात को देर तक मस्ती करता,
दोपहर बिन खाए पूरी ड्यूटी करता,
सपने सजाता पेरिस के,
और खुली छत बिन पंखे सोता,
एक इंजिनियर है वो ।।

कठनाइयों से तो कठिन डगर थी,
50 final exam पास करने की सफर थी,
आखिरी नौकरी जो मिल गयी,
फिर भी अपनी हस्ती बनाता,
एक इंजिनियर है वो ।।

मिसाइल हो या कंप्यूटर प्रोग्राम,
ट्रेन हो चाहे मोबाइल ए पैगाम,
ऊँची इमारतें हो या स्पेस लेब,
आधी रात तक काम करता,
किस्मत की धुरी मिनटों में गिनता,
पूरी धरती के सपने सच करने चला,
एक इंजिनियर है वो ।।।

"श्री"

Saturday, May 13, 2017

Separation

कल तुम दूर हो जाओगी,
मेरे साथ बीते दिन भूल जाओगी।

जीवन का ये है दस्तूर,
हम हो जाएंगे दूर दूर,
जज्बात नही मानते,
अल्फ़ाज़ नही जानते,
आँसू नही रुकते,
दिल की धड़कन,
रुक जाएगी ।।

जब देखा वो मेहँदी के हाथ,
जिंदगी से रूठ गए,
मुकदमा सी थी,
कहानी ऐ जिंदगी,
मुजरिम भी हम हुए,
गवाह भी हम हुए।।
कल तुम........

चंद ख्वाब थी,
संग आंसुओं की बारात थी,
सपनो की वरमाला थी,
और मेरी मोहब्बत साथ थी ।।
कल तुम.....

दस्तूर जिंदगी है,
पर मुझे ख्वाब लगता है,
कुछ जज्बात मुझे,
अहसास लगता है,
थोड़ा महसूस करके देखना,
मेरा प्यार तुम्हे कैसा लगता है ।।
कल तुम.........

Sunday, May 7, 2017

दास्ताँ ऐ मोहब्बत

मैं दास्ताँ बन जाऊंगा ,
तुम्हारी यादों का पुलिंदा लिए ,
ये टिस दिल में होगी फिरभी ,
की मेरी क्या खता थी,
की मेरी क्या खता है ।।

Monday, May 1, 2017

इन्तजार

लौट के आना,
इन्तजार होगा,
तकलीफ खुद की है,
जिगर के पार होगा ,
खुश नसीब हूँ मै ,
रोने की वजह तुम हो ,
कुछ कहना है ,
उस सत्य से ,
तुम बिन जीना ,
आज यलगार होगा,
अब दर्द हर साँस में ,
महसूस होगी ,
ये जीवन तुम बिन ,
प्यासा अहसास होगा ,
ये जीवन तुम बिन ,
बिन मिठास होगा ।।

मेरे प्यार को समझने में ,
उम्र गुजर जाएगी ,
थोड़ा आँसू रो लेना ,
एक झलक नजर जाओगी ।।

एक आहट से जाग जाता हूँ अक्सर ,
इतनी याद की अहसास होती हो ,
थोड़ा मजबूर थे अपनी जिंदगी से  ,
फिर भी अरमान ए जिंदगी तलाशा हमने ।।

वो सत्य है पर सत्य नही समझ पाया ,
तुम मेरी हो अहसास नही कर पाया,
दूर तक तलाशा हर बार ,
जब मिली तो रास्ते बदल गए ।।

मत बोलो आज ,
जी भर के रो लूँ ,
तुम चुप रहो ,
तकलीफ जिगर के ,
खोल लूँ ,
बुरा हूँ मै ,
उस सत्य की किताब में,
तुम ना मिली ,
ये तकलीफ ,
कैसे बोल दूँ ।।

रुक रही है साँसे ,
अब जीना भुल जाऊंगा ,
ये ही सबब है मोहब्बत ,
की तुझमें डूब जाऊंगा ।।

Thursday, April 13, 2017

अभिव्यक्ति

आप नही समझोगी,
थोड़ा मुश्किल है ,
किसी को टूट के चाहना,
क्या मुमकिन है,
जीने का कारण ,
पैसों का मोल नही ,
बस सुकून के पल
और थोड़ी प्यारी बात ,
आप नही समझोगी।

शिद्दत का प्यार,
ईश्वर का दीदार,
मुमकिन नही,
पलों को समेटना,
तड़पना पड़ेगा,
बार बार,
आप नही समझोगी ।

हर बात पे
आपकी याद
और वो हँसती
मुस्कान
दिल से निकली
हर आवाज
वो सुबह की
प्यारी बात
हर शाम मुलाकात
वो बहते आँसू
वो फोन की घंटी
आप नही समझोगी ।।

श्री