Friday, January 25, 2019

घर लौटते हैं ।।

चलो लौटते हैं ।।
कुछ गीत गुनगुनाते,
कुछ लफड़े गिनाते,
थोड़ी जेब तलासते,
थोड़ी मुस्कान समेटे,
चलो घर लौटते हैं ।

पुराने दोस्तों के पास,
पुरानी जमीन पे,
पुराने सोफे के पास,
फिर वही कम्बल,
ओढ़ते है ।
चलो घर लौटते हैं ।।

वक़्त है अनमोल
अपने भी हैं साथ
कुछ नई राह तलाशें
नई डगर ढूंढते हैं
फिर नई पतवार लिए
नई मंजिल ढूंढते हैं ।
चलो घर लौटते हैं ।।

श्री

Tuesday, December 25, 2018

वक़्त ए दोस्त

कुछ दोस्त
वक़्त के होते है
कुछ दोस्त
नाम के होते हैं

तुम सुख के बादल,
बन के गरजो,
वो रिमझिम  बारिश से,
होते हैं ,
जब दुख की गर्मी,
आती है
ये  नागफनी से ,
चुभते है ।।

गिरगिट की भक्ति
आंखों में
परमविलाप
ज्वाला में
भ्रमित वेदना
करते हैं ।

नवरत्न समझो न उन्हें
वो काँच हृदय के प्याले है
तुम्हारा लहू पी लेंगे पर
तुम्हे न कभी सम्हालेंगे ।।

"श्री"

Monday, November 12, 2018

दीपावली

कुछ भाव अलग,
अंदाज़ अलग,
भावों से अगिनित,
दिये जलाएं ।।

कुछ लम्हों को,
समेट कर,
नई आशा के,
दीप जलाऐं ।।

माँ भारती की,
करें वन्दना,
राम राज की,
रीत बनाएं ।।

अज्ञानता के,
अंधियारों में,
ज्ञान की अनंत,
अलख जगाएं ।।

"श्री"

Tuesday, October 23, 2018

तकलीफ

काश की हम इतना न बदले ।।
जरूरत के पल प्यार न भूलें ।।
कल वक़्त आएगा हम फिर मिलेंगे ।।
तुम और हम पुराना रिश्ता न भूलें ।।
शायद आज प्यार नया मिल गया ।।
कोई अपना नया मिल गया ।।
इस नए वक़्त में वो बिसरा लम्हा ।।
वो जज्बात न भूलें  ।।
काश की हम ....
"श्री"

Tuesday, August 28, 2018

साथ

जिंदगी कुछ पल साथ जी लेते है ,
थोड़े मोती साथ पिरो लेते हैं ।।
शायद कल किस्मत में साथ न हो,
कुछ आज यादगार कर लेते है ।।

काश की कल भी साथ हो अपना,
चलो आज अहसास कर लेते है ।।
कुछ यादें हमे भी सहेजने दो,
कुछ खास पल जी लेने दो ।।
         

Wednesday, May 9, 2018

अरमान#शेर

जिंदगी में कभी भूल न पाए 
वक़्त देखो आज पूरा हुआ
उम्मीद थी अक्सर उदास थे
कोई सपना अधूरा रहा ।

मुझे मेरे दिल पे ऐतबार नही ,
तू मेरा शौक नही मेरी जरूरत है ।।

वाह क्या हांसिल तुमको हुआ ,
हम आज भी अकेले रह गए ,
तुम कल भी अकेले थे ।।

इत्तिफाक की मुकम्मल होगी मेरी खुशी ,
तुम अक्सर बदल जाती हो आईने में ।।

कुछ जज्बात है ,
मेरे आँसू आज साथ है ,
कीमती पल चार है ,
आँसू आज भी ,
इबादत करते हैं ,
तेरे मोहब्बत का ।।

वक़्त भी न रहा ,
तुम भी न रहे ,
मयस्सर जमाना ,
वजूद ढूढता है ,
तुम्हारी काफिर ,
गलियों में ,
मकान ढूंढता है ।। U

कुछ खवाइश अधूरी रह गयी ,
जज्बात आज वजूद ढूंढते हैं ।
तुम खूबसूरत जिंदगी हो ,
मेरा वजूद ढूंढ़ते हो ।

इरादा तुम्हारा प्यार पाना नही ,
थोड़ा मुस्कुरा दो,दिल को सुकून आ जाए ।।

तुम भी मजबूर हो,
मोहब्बत खूब है,
दौर गुजर गया,
प्यार मशहूर है ।।

कुछ तो गम हमे भी हुआ ,
तुमसे दूरी बढ़ गयी ऐसे ,
हम भी रातों करवट लेकर ,
रोए थे अंधेरी रातों में  ।।

तुम मेरी इबादतों का वजूद हो ,
मैंने तुम्हें पूजा है तेरी इनायत की है ।।

Tuesday, April 3, 2018

तुमसे दूर #27

तुमसे कहीं दूर चला जाऊं,
मेरी यादें साथ रखना ।।
तेरी महफ़िल में न मिलूं ,
मेरी मुलाकातें याद रखना  ||
तू मेरी अमानत है ,
मेरी हर ख़ुशी तेरा आइना है ||
जब खुद को निहारो शीशे में ,
मेरी निगाहें याद रखना ||

"श्री"