Saturday, May 28, 2011

LIFE IS A RACE#21

ऐ राही  मत पूछ किस ओर जाना है || 


ये रुख है जिन्दगी का ,
बस चलते जाना है ,
कभी आन्धि आये ,
या  कभी तूफान ,
कहीं है मन्जिल ,
तो  कहीं कब्रिस्तान ,
तू मुसाफ़िर है ,
जिन्दगी सफ़र है ,
बस सफ़र के अन्त तक मन्जिल पा जाना है ||
                                                        ऐ  राही मत पूछ किस  ओर जाना है ||

तकदीर पर बस हक नही किसी का ,
तकदीर  भरोसे  किसे  क्या पाना है ,
जीना सभी  को  है  बस  हिम्मत  चाहिये ,
वर्ना ऐसे जिन्दगी से तो बेहतर मर जाना  है , 
तुम  तो  कठपुतली  हो  मुसाफ़िर् ,
तुम्हे  किसी और के इसारे समझ जाना  है  |
                                                       ऐ राही मत पूछ किस ओर जाना है || 

बस तकदीर नही हौसला भी चाहिये ,
जिन्दगी तो उसने दे दी, जीने का हौसला भी चाहिये ,
कभी कठनाइयो ने गर् पैर  पसार लिये , 
तो  इन कदमो को, नही  लडखडाना  है ,
बस  चाह चाहिये,  मन्जिल साफ़् नजर आयेगी ,
वर्ना  केवल,  मृगतृष्णा कि प्यास नजर आयेगी ,
                                                           ऐ   राही  मत पूछ किस  ओर  जाना  है  || 

हौसला रख, किसी  को भरोसा है तुझ पर ,
तेरी मेहनत एक दिन जरुर  रंग लायेगी ,
सफ़र् लम्बा है, सब कुछ सहते  जाना  है ,
जिन्दगी  को  जिन्दादिली  से  जीते जाना है  |
                                                       ऐ राही मत पूछ किस ओर जाना है ||
                                                                               
                                                                                             श्रीकुमार गुप्ता




Friday, March 4, 2011

MEMORIOUS MOMENTS#19

पल दो पल कि, गुमसुम यादें

कुछ अनजाने  ,कुछ पहचाने
आँखों कि सुन्दर दृष्टि 
फलकों कि आभा संग बिखरी  ||
जाने क्यों है मचलता रे मन ||
जाने क्यों है मचलता रे मन || {1}

निःस्वार्थ  , निर्लभ् , निरुपम , नित्य 
अविरल , अपलक , अनन्त , अनिल 
जाने क्यों है आकर्ष  रे मन
जाने क्यों है मचलता रे मन ||
जाने क्यों है मचलता रे मन || {2}


यादों कि वो सुन्दर क्यारी ,रँग भी रँगे फूलों वाली 
जाने क्यो है सिंचित रे मन , जाने क्यो है सिंचित रे मन
जाने क्या है आज हृदय में ,आँखों के अनमोल पलक में
दो मोती जो सागर के से ,निकल आये हो मन मन्थन से 
जाने क्यों है विचलित रे मन 
जाने क्यों है मचलता रे मन ||
जाने क्यों है मचलता रे मन|| {3}

फिर भी कहता साथ है तेरे  ,साथ  है तेरे, याद में तेरे
उसे कौन ले सकता रे मन ,उसे कौन ले सकता  रे मन
साथ दिया था , साथी बनकर ,अपना कहा उसे रिस्ता देके
दिया बुझ गया आज हृदय से ,लेकिन क्यों है जलता रे मन ||
लेकिन क्यों है जलता रे मन ||
जाने क्यों है मचलता रे मन ||
जाने क्यों है मचलता रे मन|| {4} 


Sunday, November 21, 2010

रिवाज़#33

बनना था मोती मुझको ,
एक सीप कभी न बन पाया ||

वो रक्तिम  सी  पर नीर  सही,
पर रक्त कभी न बन पाया ||
                                बनना था मोती मुझको.....

एक ज्वाला सी ये दुनिया है |
मै आग कभी न बन पाया ||
                                बनना था मोती मुझको.....

Wednesday, September 22, 2010

BABRI MASJID-RAM MANDIR

lot of trouble always happen in human life. But by the name of god off its to much yaar all people are fighting by the name of their God why dear all of us believe in our national Song "vande maateram " hmmmmm i think this is just a political work and nothing else.all higher post Dharma Guru want to become a superpower and also they only think about their own.
My opinion is that if God really exist then by their thoughts i have found they will never want to see us fighting.....
Now the point of making RAM mandir is that if RAM mandir will rebuilt then again a civil war.mandir is for  peace not for war.


जी लो इस पल को यारों ,
न आएगा ये कारवां दोबारा ,
ना बनाव राम मंदिर ,
ना बाबरी कि मस्जिद दोबारा ,
कुछ तुम रो लो ,
कुछ हम रो ले ताकी ,
न हो ये गलती दोबारा
                         श्रीकुमार गुप्ता


Dedicate to the right victims of babri masjid riot..............
MUST GIVE YOUR VIEWS

Thursday, August 19, 2010

NCC SONG


राष्ट्रीय कैडेट कोर ( NATIONAL CADET CORE )
NCC SONG 


हम  सब  भारतीय   है |,हम  सब  भारतीय  है |
अपनी  मंजिल  एक  है | ,
आहाहा......   एक  है |,ओहोहो..........  एक  है |
हम  सब  भारतीय  है |
                            (१)
कश्मीर  कि  धरती  रानी  है ,सरताज  हिमालय  है |
सदियों  से  हमने  इसको  अपने  खून  से  पाला  है |
देश  के  रक्षा  के  खातिर  हम  समशीर   उठा लेंगे |
हम  समशीर   उठा लेंगे |
बिखरे  बिखरे  तारे  है हम |........२ 
लेकिन  झिलमिल  एक   है |
आहाहा ................  एक  है | ओहोहो...........  एक  है |

हम  सब  भारतीय   है ,हम  सब  भारतीय  है |
अपनी  मंजिल  एक  है | ,
आहाहा......   एक  है |,ओहोहो..........  एक  है |
हम  सब  भारतीय  है |

                                     (२)
मंदिर  गुरूद्वारे  भी  है  यहाँ ,और  मस्जिद  भी  है  यहाँ |
गिरजा  का  है  घडयाल   कहीं ,मुल्लाह  कि   कहीं  है  अजान 
एक  ही  अपना  राम  है |,एक  ही  अल्लाह  ताला  है ||
रंग  भी  रंगे  दीपक  है  हम ,..........2
लेकिन  ज्योति   एक  है | 
 आहाहा ..............  एक  है |  ओहोहो..........  एक  है |

हम  सब  भारतीय   है |,हम  सब  भारतीय  है |
अपनी  मंजिल  एक  है | ,
आहाहा......   एक  है |,ओहोहो..........  एक  है |
हम  सब  भारतीय  है |

ये गीत मुझे सब से ज्यादा पसंद है |मै अक्सर इस गीत को गुनगुनाया करता हूँ |
मुझे लगा की इस गीत को आप लोगों के सामने प्रस्तुत करूं |
धन्यवाद्  पर आप लोग अपने घर के छोटे बच्चों को यदि NCC के लिए जागरूक करें तो मै आपका आभारी रहूँगा |
































मैंने NCC से बहुत कुछ पाया है | अनुशासन  जरुरी है जिन्दगी के लिए मैंने यहीं से ये सीख पाई है | और कैंप के यादगार दिन जिन्दगी जीना सीखा जाते  है | और ये जरुर कहूँगा वो जिन्दगी  के सबसे  सुहाने पल होते है | जब कैंप में मस्ती होती है |आप जरुर अपने बच्चों या भाई बहन को इसके लिए प्रेरित करें |
धन्यवाद् 
 LINK FOR WEB PAGE 
http://nccindia.nic.in/




Sunday, August 8, 2010

मै एक भारतीय और अंततः भारतीय ही रहूँगा #20

मै एक भारतीय और अंततः भारतीय  ही रहूँगा ||


चाहे जिस देश में रहूँ  ,चाहे जिस वेश में रहूँ ,
चाहे सुखी रहूँ ,चाहे दुखी रहूँ ,
चाहे भूखा रहूँ ,चाहे प्यासा रहूँ ,
चाहे महलों में ,या फुट -पात में रहूँ |
मै एक भारतीय और अंततः भारतीय ही रहूँगा ||

करूँ किसी देश में भी काम ,चाहे न हो मुझे एक पल भी आराम,
सहूँ लाखो परेशानियाँ  सड़क पर ,या फिर  बिजली न हो  घर पर ,
जीवन की हर कठनाई हँस कर सहूँगा , हमेशा अपने हक के लिए लडूँगा |
मै एक भारतीय और अंततः भारतीय ही रहूँगा ||

चाहे हो देश में भुखमरी और भ्रष्टाचार ,देश में हो चाहे परेशानियाँ अपार ,
हर रोज गायेंगे देश के नाम ,हर खेल देखेंगे देश के नाम ,
डट  कर करेंगे हर कसाब का सामना ,दिखा देंगे ये है देश ऐ हिंदुस्तान  ,
हर दुःख सुख  सँग  मिल सहूँगा, हर देश वासी को मै अपना कहूँगा   |
मै एक भारतीय और अंततः भारतीय ही रहूँगा ||

मनायेंगे ईद और दिवाली ले अल्लाह-ईश्वर का नाम ,
करेंगे ईश्वर  की पूजा और देंगे  नमाज  ऐ अजान ,
खायेंगे खीर लेंगे  सेवई का स्वाद ,
हर त्यौहार मनायेंगे मिल एक दूजे के साथ ,
कभी किसी का बुरा नहीं चाहूँगा ,हमेशा देश के लिए जियूँगा |
मै एक भारतीय और अंततः भारतीय ही रहूँगा ||

श्रीकुमार गुप्ता
जय हिंद
जय भारत
स्वतंत्रता दिवस की शुभ कामनाएँ

Wednesday, August 4, 2010

क्योंकि ये मेरी जिन्दगी की कहानी है

A LETTER TO GOD

सेवा में ,
               मेरे ईश्वर
                                     कुछ चेतनाएँ जीवन की अतीत में झांकते हुए उन अनंत सोंच के बाद मेरे मनोभावों में जागृत एक प्रसस्त्र पुँज रूपी ज्योति प्रगट हुई है | आधा अधुरा ज्ञान है , पर पता नहीं क्यों सोंचता हूँ ,ये ज्ञान पूर्ण हो पाए भी या नहीं | कभी यूँ लगता है , मै तन्हा इन कठनाइयों  को सह पाऊंगा  भी  कि नहीं | हो सकता है ये सम्भव न हो ,मै लडूंगा और अंततः जीतूँगा , ये वादा है | ये जिन्दगी निरंतर हर पल  हर  क्षण ये   संघर्ष मेरी जिन्दगी है |  क्या  करूं जीतना तो है ,सो जीत कर ही दम लूँगा | लोग कहते है ,जिन्दगी की कहानी अधूरी होती है पर मेरी कहानी पूरी  होगी | और ये कटु सच्चाई से प्रेरित होगी | क्योंकि ये मेरी जिन्दगी की कहानी है |
                                                                       प्रार्थी-
                                                                      श्रीकुमार गुप्ता