तुम तुम हो गयी,
मैं मय हो गया ।।
कभी अधरायी सी ,
मोहब्बत स्वर हो गयी ।।
तुम तुम हो ...…....
यकीन फ़िर,
आज पत्थर हो गया ।।
उम्मीद सारी,
ओझल ओस हो गयी ।।
अलसायी सी प्यास,
जख्म हो गयी ।।
नासूर सी तलब ,
बेखबर हो गयी ।।
तुम तुम हो .....
"श्री"
कभी सपनों का महल ,तो कभी आंसुओं की फरियाद है | कभी रेत की ढेर सी खामोश ,तो कभी पेड की छाँव है ये जिंदगी || कभी गीता की पाठ ,तो कभी कुरान की आयात है | एक कारवाँ सपनों का बागबाँ ,तो कभी माझी की नैया और पतवार है ये जिंदगी || कभी काँटों का दामन , कभी जश्ने बहार है| शांति की वीणा ,तो कभी लहू की ललकार एक आवाज़ है ये जिंदगी || कभी ममता की छाँव कहीं ,तो कभी करुणा की तस्वीर है | आने वाले जीवन की, अनुभवों की गीत है ये जिंदगी || -श्रीकुमार गुप्ता
तुम तुम हो गयी,
मैं मय हो गया ।।
कभी अधरायी सी ,
मोहब्बत स्वर हो गयी ।।
तुम तुम हो ...…....
यकीन फ़िर,
आज पत्थर हो गया ।।
उम्मीद सारी,
ओझल ओस हो गयी ।।
अलसायी सी प्यास,
जख्म हो गयी ।।
नासूर सी तलब ,
बेखबर हो गयी ।।
तुम तुम हो .....
"श्री"
देश की शान है वो,
देश की आन है वो,
हँसकर रहता,
मुश्किल राह चुनता,
फितरत बदलती नही,
पर देश की किस्मत बदलता,
एक इंजिनियर है वो ।।
रात देर तक मस्ती करता,
दोपहर बिन खाए पूरी ड्यूटी करता,
सपने सजाता पेरिस के,
और खुली छत बिन पंखे सोता,
एक इंजिनियर है वो ।।
कठनाइयों से तो कठिन डगर थी,
50 final exam पास करने की सफर थी,
आखिरी नौकरी थी जो मिल गयी,
फिर भी अपनी हस्ती बनाता,
एक इंजिनियर है वो ।।
मिसाइल हो या कंप्यूटर प्रोग्राम,
ट्रेन हो चाहे मोबाइल ए पैगाम,
ऊँची इमारतें हो या स्पेस लेब,
आधी रात तक काम करता,
किस्मत की धुरी मिनटों में गिनता,
पूरी धरती के सपने सच करने चला,
एक इंजिनियर है वो ।।
सब कुछ खो कर भी खुश रहता, सब पाकर भी अपनो संग रहता। किसी मंजिल का मोहताज नही , बस सफर को अपना हमसफर समझता ।।
साला एक इंजीनियर है वो ।।
"श्री"
कल तुम दूर हो जाओगी,
मेरे साथ बीते दिन भूल जाओगी।
जीवन का ये है दस्तूर,
हम हो जाएंगे दूर दूर,
जज्बात नही मानते,
अल्फ़ाज़ नही जानते,
आँसू नही रुकते,
दिल की धड़कन,
रुक जाएगी ।।
जब देखा वो मेहँदी के हाथ,
जिंदगी से रूठ गए,
मुकदमा सी थी,
कहानी ऐ जिंदगी,
मुजरिम भी हम हुए,
गवाह भी हम हुए।।
कल तुम........
चंद ख्वाब थी,
संग आंसुओं की बारात थी,
सपनो की वरमाला थी,
और मेरी मोहब्बत साथ थी ।।
कल तुम.....
दस्तूर जिंदगी है,
पर मुझे ख्वाब लगता है,
कुछ जज्बात मुझे,
अहसास लगता है,
थोड़ा महसूस करके देखना,
मेरा प्यार तुम्हे कैसा लगता है ।।
कल तुम.........
मैं दास्ताँ बन जाऊंगा ,
तुम्हारी यादों का पुलिंदा लिए ,
ये टिस दिल में होगी फिरभी ,
की मेरी क्या खता थी,
की मेरी क्या खता है ।।
लौट के आना,
इन्तजार होगा,
तकलीफ खुद की है,
जिगर के पार होगा ,
खुश नसीब हूँ मै ,
रोने की वजह तुम हो ,
कुछ कहना है ,
उस सत्य से ,
तुम बिन जीना ,
आज यलगार होगा,
अब दर्द हर साँस में ,
महसूस होगी ,
ये जीवन तुम बिन ,
प्यासा अहसास होगा ,
ये जीवन तुम बिन ,
बिन मिठास होगा ।।
मेरे प्यार को समझने में ,
उम्र गुजर जाएगी ,
थोड़ा आँसू रो लेना ,
एक झलक नजर जाओगी ।।
एक आहट से जाग जाता हूँ अक्सर ,
इतनी याद की अहसास होती हो ,
थोड़ा मजबूर थे अपनी जिंदगी से ,
फिर भी अरमान ए जिंदगी तलाशा हमने ।।
वो सत्य है पर सत्य नही समझ पाया ,
तुम मेरी हो अहसास नही कर पाया,
दूर तक तलाशा हर बार ,
जब मिली तो रास्ते बदल गए ।।
मत बोलो आज ,
जी भर के रो लूँ ,
तुम चुप रहो ,
तकलीफ जिगर के ,
खोल लूँ ,
बुरा हूँ मै ,
उस सत्य की किताब में,
तुम ना मिली ,
ये तकलीफ ,
कैसे बोल दूँ ।।
रुक रही है साँसे ,
अब जीना भुल जाऊंगा ,
ये ही सबब है मोहब्बत ,
की तुझमें डूब जाऊंगा ।।
आप नही समझोगी,
थोड़ा मुश्किल है ,
किसी को टूट के चाहना,
क्या मुमकिन है,
जीने का कारण ,
पैसों का मोल नही ,
बस सुकून के पल
और थोड़ी प्यारी बात ,
आप नही समझोगी।
शिद्दत का प्यार,
ईश्वर का दीदार,
मुमकिन नही,
पलों को समेटना,
तड़पना पड़ेगा,
बार बार,
आप नही समझोगी ।
हर बात पे
आपकी याद
और वो हँसती
मुस्कान
दिल से निकली
हर आवाज
वो सुबह की
प्यारी बात
हर शाम मुलाकात
वो बहते आँसू
वो फोन की घंटी
आप नही समझोगी ।।
श्री