Wednesday, August 4, 2010

क्योंकि ये मेरी जिन्दगी की कहानी है

A LETTER TO GOD

सेवा में ,
               मेरे ईश्वर
                                     कुछ चेतनाएँ जीवन की अतीत में झांकते हुए उन अनंत सोंच के बाद मेरे मनोभावों में जागृत एक प्रसस्त्र पुँज रूपी ज्योति प्रगट हुई है | आधा अधुरा ज्ञान है , पर पता नहीं क्यों सोंचता हूँ ,ये ज्ञान पूर्ण हो पाए भी या नहीं | कभी यूँ लगता है , मै तन्हा इन कठनाइयों  को सह पाऊंगा  भी  कि नहीं | हो सकता है ये सम्भव न हो ,मै लडूंगा और अंततः जीतूँगा , ये वादा है | ये जिन्दगी निरंतर हर पल  हर  क्षण ये   संघर्ष मेरी जिन्दगी है |  क्या  करूं जीतना तो है ,सो जीत कर ही दम लूँगा | लोग कहते है ,जिन्दगी की कहानी अधूरी होती है पर मेरी कहानी पूरी  होगी | और ये कटु सच्चाई से प्रेरित होगी | क्योंकि ये मेरी जिन्दगी की कहानी है |
                                                                       प्रार्थी-
                                                                      श्रीकुमार गुप्ता

Wednesday, July 14, 2010

"इंतजार "#23

आँखों में इंतजार भरा है ,
खुदा करे वो आ जाये |
कुछ मुद्दतें ख्वाब है ,
उन्हें इसकी खबर हो जाये ||

गुजरे गया वक्त ,
भर गया हर गम ,
इस गम हो कुरेद कर ,
जख्म का दर्द दे जाये |
कुछ मुद्दतें ख्वाब है ,
उन्हें इसकी खबर हो जाये ||

राह तकते है जेठ की धूप में ,
गर्म हवाओं में एक उनका नाम आ जाये |
भरी धूप में दिल रोता कर याद उनको ,
ऐसी धूप में गर उनका दीदार हो जाये |
कुछ मुद्दतें ख्वाब है ,
उन्हें इसकी खबर हो जाये ||

मन्नते करते है साथ जियेंगे ,
खुदा को इस बात की खबर हो जाये |
रोते हैं हर रात जिन्हें याद करके ,
उन्हें भी हमारे प्यार की नजर लग जाये |
कुछ मुद्दतें ख्वाब है ,
उन्हें इसकी खबर हो जाये ||

Tuesday, June 1, 2010

CLOSED EYE#18

अंधकार , मन को चोट देता है | हर समय नई  सोंच और जिन्दगी जीने का अहसास ख़त्म कर देता है | जिन्दगी बस रेल की पटरी पर दौड़ती है | आज का युग इस बात का साक्षी है | हर पल केवल भविष्य की चिंता वर्तमान का कोई ठिकाना नहीं बस भविष्य शानदार हो | इन हालात को देखकर मन में ये भाव उठते है ............

"अंधकार"

एक सजा बन गयी है जिन्दगी ,
कौन सा इतिहास हम ,
न हमारा वर्तमान पे आधिकार ,
टूटी शाख सी बस जल रही है जिन्दगी ......

कम नहीं है दर्द ,
बस दर्द का ख्याल नहीं रहता | 
आँसू  बहते है  ,
आँसुओं का आहसास नहीं रहता |

कहता हूँ खुश हूँ पर ,
ख़ुशी का अहसास नहीं रहता |
समय नहीं है जीवन में ,
जीने का कोई अहसास नहीं होता |

खबर आती है ,
खुशियों के आने का |
ख़ुशी मनाने का ,
इन्तजार नहीं रहता |

बहुत कमाते है दौलत ,
प्यार कमाने का जमाना नहीं मिलता |
एक नाव पे सवार है ,
अपनी मंजिल का इन्तजार नहीं रहता | 

खूब लुटाते है अपनी दौलत ,
प्यार लुटाने का बहाना नहीं मिलता |
कहते है सात जन्म साथ जियेंगे ,
सात कदम चलने का विश्वास नहीं रहता |

                                                                   - श्रीकुमार गुप्ता

Thursday, May 20, 2010

A Drinker's Eye#17


इस प्रस्तुति में एक शराबी मधुशाला में बैठ साकी से अपनी गुजरी जिन्दगी बयां कर रहा है | अपनी प्रेमिका के प्रति अपनी आस्था दर्शाता है | अपनी प्रेमिका के चले जाने के बाद
"काश कहीं तुम मिल ....."


टूट गये वो कसमें साकी ,
छुट गये वो रिस्ते साकी |

क्रुन्दन की एक नंत स्वप्न में ,
डूब गया वो जीवन साकी |

झोकें से कर करुण वंदना ,
सेज सकून कर जीवन साकी |

जाने कैसे रक्त नीर से ,
खेल रहा हो जीवन साकी |

तेज राह पर थामे श्रृष्टि ,
क्यों करती वो  विचलित साकी |

गलियारों की एक छोर पर ,
जाने क्यों है दृष्टि साकी |

आसमान की थामे बाहें ,
क्यों है आँखे क्रोसित साकी |

Thursday, May 13, 2010

JAB SE TUMKO CHAHA HAI#12

                                                                                                                       
जब से तुमको चाहा है....

जब से तुमको चाहा है ,
जीवन से बहुत कुछ पाया है || 
                   {१} 
एक आस के जीवन साथ जियें ,
एक आस की सुख दुःख साथ सहें ,
हे प्राण प्रिये जब साथ हो तुम ,
तो क्या इस जग में चाहा है ||
                   {२}
हो दूर गगन के साये में ,
जब मौत मुझे लेने आये ,
फरियाद ये रब से करता हूँ ,
बाहों में तुम्हारी जीना है ,
बाहों में तुम्हारी मरना है  ||
                   {३}
जीवन एक मिट्टी का घर है ,
एक दिन तो इसे भी ढहना है ,
हे , प्राण प्रिये जब साथ हो तो ,
हर जीवन साथ में जीना है ,
हर जीवन तेरे संग जीना है ||
                                    श्रीकुमार गुप्ता 

Thursday, April 29, 2010

MY PARENTS#15

मेरे ईश्वर ....


एक अनछुआ अहसास ,
जब अपनों के पास आ जाये ,
तो क्या बात  है ||
 
जिन्होंने हमें चलना सिखाया ,
उनकी लाठी बन पायें ,
तो क्या बात है ||


जिन्होंने हमे सपने दिखाए ,
उन्हें सुकून की नींद दे पायें ,
तो क्या बात है ||


हर जरुरत को जिन्होंने पूरा किया ,
उनकी जरुरत में काम आ सकें ,
तो क्या बात है ||


जिन्होंने पल पल हमपे कुर्बान किया ,
उनकी खुशियों की नीव बन पायें ,
तो क्या बात है ||


जिनकी गोद में दुनियाँ का सुख पाया ,
उनकी गोद में जहाँ की खुशियाँ दे पायें ,
तो क्या बात है ||


भीड़ में खोये हैं हम भी तुम भी ,
इस भीड़ में अपने माता पिता की ,
हर आवाज सुन सकें  ,
तो क्या बात है ||
                    श्रीकुमार गुप्ता 

Thursday, April 15, 2010

बेसबब बात बढ़ जाएगी

 
बेसबब बात बढ़ जाएगी ....

न सताना इस नाजुक दिल को ,
न मुस्कुराना चौराहे पे देख के मुझको ,
काफ़िर हूँ मै तेरी सुनी गलियों का ,
बेसबब बात बढ़ जाएगी |

न बिछाना राह में टेसू के फूल ,
एक दिन रंगीनियत पे अंधियारी छा जाएगी ,
किस्मत की लकीरों ने लिखे हैं जीवन में काँटे ,
ह्रदय की धड़कन थम जाएगी | 
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........

न बुनना रिश्तों की माला ,
न करना कच्चे वादे ,
न पुकारना घर की मुँडेर से मुझको ,
तुम दिल में समा जाओगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........

न रोना बार बार समझाने पर ,
न आना मिलने सुहानी शाम ढले ,
नित् दिन के वो गुलाब के फूल ,
अमावस पे चाँदनी छा जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........

न रचाना हाँथों में मेहँदी प्यार की ,
न दिखाना अधूरे सपने ,

बस दिख जाना शाम को रस्ते पर कहीं ,
गली में उजियाली छा जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........

न आना बार बार घर पूछने मुझको ,
न देना जन्म दिवस पे प्यारे तोह्फे ,
ख्याल करना न याद करूँ तुमको ,
प्यारी यादें इस दिल में उतर जाएगी | 
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........

न लिखना खत प्यार वाले ,
न करना साथ जीने की उम्मीद ,
गर न हुए हम कामयाब ,
मेरी उम्मीदें थम जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........

करवटें ले कर कटी है रातें ,
करते हैं साथ जीने मरने के वादें ,
एक आरजू बन मन में रहना ,
ये जान ही निकल जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........

न थामना किसी और का हाथ ,
न बसाना किसी और को दिल में ,
दिल में सहेज कर रखा है तुमको ,
कविताओं में मेरी प्रीत अमर रह जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी ............
                                 श्रीकुमार गुप्ता