बेसबब बात बढ़ जाएगी ....
न सताना इस नाजुक दिल को ,
न मुस्कुराना चौराहे पे देख के मुझको ,
काफ़िर हूँ मै तेरी सुनी गलियों का ,
बेसबब बात बढ़ जाएगी |
न बिछाना राह में टेसू के फूल ,
एक दिन रंगीनियत पे अंधियारी छा जाएगी ,
किस्मत की लकीरों ने लिखे हैं जीवन में काँटे ,
ह्रदय की धड़कन थम जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........
न बुनना रिश्तों की माला ,
न करना कच्चे वादे ,
न पुकारना घर की मुँडेर से मुझको ,
तुम दिल में समा जाओगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........
न रोना बार बार समझाने पर ,
न आना मिलने सुहानी शाम ढले ,
नित् दिन के वो गुलाब के फूल ,
अमावस पे चाँदनी छा जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........
न रचाना हाँथों में मेहँदी प्यार की ,
न दिखाना अधूरे सपने ,
बस दिख जाना शाम को रस्ते पर कहीं ,
गली में उजियाली छा जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........
न आना बार बार घर पूछने मुझको ,
न देना जन्म दिवस पे प्यारे तोह्फे ,
ख्याल करना न याद करूँ तुमको ,
प्यारी यादें इस दिल में उतर जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........
न लिखना खत प्यार वाले ,
न करना साथ जीने की उम्मीद ,
गर न हुए हम कामयाब ,
मेरी उम्मीदें थम जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........
करवटें ले कर कटी है रातें ,
करते हैं साथ जीने मरने के वादें ,
एक आरजू बन मन में रहना ,
ये जान ही निकल जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी .........
न थामना किसी और का हाथ ,
न बसाना किसी और को दिल में ,
दिल में सहेज कर रखा है तुमको ,
कविताओं में मेरी प्रीत अमर रह जाएगी |
बेसबब बात बढ़ जाएगी ............
श्रीकुमार गुप्ता