कभी सपनों का महल ,तो कभी आंसुओं की फरियाद है | कभी रेत की ढेर सी खामोश ,तो कभी पेड की छाँव है ये जिंदगी || कभी गीता की पाठ ,तो कभी कुरान की आयात है | एक कारवाँ सपनों का बागबाँ ,तो कभी माझी की नैया और पतवार है ये जिंदगी || कभी काँटों का दामन , कभी जश्ने बहार है| शांति की वीणा ,तो कभी लहू की ललकार एक आवाज़ है ये जिंदगी || कभी ममता की छाँव कहीं ,तो कभी करुणा की तस्वीर है | आने वाले जीवन की, अनुभवों की गीत है ये जिंदगी || -श्रीकुमार गुप्ता
Friday, May 3, 2024
hi
Sunday, April 14, 2024
Tuesday, December 12, 2023
Monday, September 25, 2023
दिल
Tuesday, July 25, 2023
शब्द बोध
Thursday, March 23, 2023
आजकल
Friday, February 24, 2023
कुछ अपने
Tuesday, February 14, 2023
anantsaar
Wednesday, August 3, 2022
love
Monday, April 11, 2022
सफर अच्छा रहा ।
Saturday, February 19, 2022
फगुनिया
Saturday, February 5, 2022
आईना
ख्वाब की परी
यूँ ही हम अक्सर ,
एक ख्वाब से ,
मंजिल की तलाश में
एक नाव से
अधूरे अधूरे अहसास से
अधूरे अधूरे कहानीकार से
एक मंच दो कलाकार से
कहानी के अलग किरदार से
थकान में , जरूरत में
पास पास से ,
उजियारी अंधियारी दुनिया में
साथ साथ से
नदी में किनारों में
साथ साथ से
एक दुआ एक अहसास में
साथ साथ से
Monday, January 17, 2022
मंजिल की मियाद
Tuesday, July 7, 2020
किस्मत ए जिंदगी
Friday, March 6, 2020
Holi
Wednesday, November 27, 2019
वादा
Thursday, September 19, 2019
सँगनी
चलो,
यादों की तश्वीर बनाएं,
कुछ गुनगुनाएं,
एक नई सरकार बनाएँ,
तुम और हम फिर सपने देखें,
और उसे हकीकत बनाएं,
थोड़े गम मिल कर फरमाएं,
थोड़ी खुशियां साथ समेटे जाएं
Monday, September 9, 2019
Adura40
ख्वाहिश आज मुमकिन है,
संजीवनी समय लेकर
वक़्त ठहरा गया।
जहाज़ भी चाँद पर मिल गया ।
मुस्तक़िल की तुमभी
कायनात की अधूरी कहानी
हम भी विक्रम से
निहार रहे अपने चाँद को
मोहब्बत में
बस उम्मीद की
तुम साथ दोगी
निभाओगी
उन कसमों को हमारी
आज हम भी चन्द्रयान से
अकेले हैं तुम्हारी आवाज़
सुनने को बेकरार
तुम भी उस चाँद सी
सख्त न रहो
बहुत दूर चलें आए हैं
अपनी सरज़मीं छोड़कर
कुछ तो इजहार करो
कुछ दिन की जिंदगी बच गयी
थोड़ा जी लेने दो
मुझे तुम्हारी जमीन
में थोड़ा टहल लेने दो ।।
श्रीराधे39
मेरी श्रिष्टि मेरी मुरलिया
सब कुछ राधे राधे है ।
जी लिया हर पल जीवन का
हर पल राधे राधे है ।
पल पल यादों की अमृत
जीवन ये राधे राधे है
हर साँस तेरी हर याद तेरी
तन मन राधे राधे है ।
मेरी पूंजी ,मेरी कुंजी ,
तर्पण राधे राधे है ,
ऋतु सावन की ,
तेज फुहारें ,
तुम बिन राधे राधे है ।।
क्या साथ आया,
क्या छोड़े रहे ,
जीवन ये राधे राधे है ।।
तुम जीवन हो
तुम गीता हो
स्मृतियाँ राधे राधे है ।।
श्री
Monday, August 12, 2019
मोहबब्त पूर्ववत 38
उम्रे तकरार में ,
धुंधली मोहबब्त के किस्से,
कसमें वादे यादें ,
बस शिकवे से रह जाते हैं ,
शिकायत जिंदगी ,
तलाशती है यादों की चादर में
अनुभव बिजली सी,
वो सावन याद आती है ,
घटा जब झूम उठती है,
यादें बेचैन पड़ते है,
मन फिर मौन होते हैं ,
सरहद याद आती है,
फर्क मोहबब्त का
रह गया आख़िर,
कोई निभा जाता है ।
तो कोई तोड़ जाता है ।
श्री